IITian बाबा अभय सिंह को समझना हर किसी के वश की बात नहीं है। उनकी सोच और विचारधारा इतनी गहन और तर्कसंगत हैं कि उन्हें समझने के लिए आपको अपनी पूर्वधारणाओं और सीमित सोच से ऊपर उठना होगा। ये एकमात्र ऐसे बाबा हैं, जो परंपरागत ढोंग से अलग हटकर सटीक और तार्किक बातें करते हैं। उन्हें समझने के लिए न सिर्फ तर्क-वितर्क के परे जाना होगा, बल्कि उस स्तर की सोच अपनानी होगी, जो साधारण इंसान के लिए मुश्किल है।
उनकी विदेहता राजा जनक जैसी है—जीते-जी मोक्ष को प्राप्त कर लेना। उनकी हंसी खुद पर नहीं, बल्कि हमारी मूर्खताओं पर है। उनका आध्यात्मिक और दार्शनिक ज्ञान इस समय अपने चरम पर है। शायद ही कोई और बाबा इस स्तर तक पहुंच पाया हो। यही कारण है कि कई लोग उनके पीछे पड़े हैं, लेकिन उनकी विदेहता के कारण उन्हें इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता।
द्वैत और अद्वैत के गूढ़ सिद्धांत को जिस सरलता से उन्होंने एक वाक्य में समझाया है, वह अद्भुत और अनूठा है। यदि इसे आप समझ पाए, तो न केवल मोक्ष को प्राप्त करेंगे, बल्कि स्वर्ग-नरक, इहलोक-परलोक और कर्मकांड के जाल से मुक्त हो जाएंगे।
बाबा के 2-3 इंटरव्यू सुनने का अवसर मिला। अधिकांश पत्रकारों में न तो उनकी गहराई को समझने की योग्यता है और न ही उनकी बातों को सही संदर्भ में प्रस्तुत करने की क्षमता। अगर इस बाबा को उचित मंच और समय मिला, तो यह न केवल भारतीय दर्शन को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा।
बाबा अभय सिंह का स्वागत कीजिए। यह न केवल आधुनिक दौर के लिए एक नई रोशनी हैं, बल्कि वह व्यक्ति हैं जो भारत के आध्यात्मिक और दार्शनिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रभावी रूप से रख सकते हैं। समय का इंतजार कीजिए और देखिए कि यह यात्रा हमें कहां ले जाती है।
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