जब से कोरोना का कहर भारत मे शुरू हुआ है,तब से संक्रमण तो फैला ही है,पर उससे कहीं ज्यादा अफवाहें फैली है।कई तरह की बात सोशल मीडिया पर की जा रही है।खानपान से लेकर इलाज संबंधी जानकारियां लोगों द्वारा शेयर की जा रही है , अब इसमें कितनी सच्चाई है कोई नहीं जानता।अब एक बात तो स्पष्ट हो चुकी की जैसे जैसे कोरोना का संक्रमण बढ़ते जा रहा है वैसे वैसे झोला छाप डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।अब एक उदाहरण मास्क का ही ले लीजिए। चुनावी रैलियों में तमाम तस्वीरें दिखाकर मज़ाज बनाया जा रहा है।लोग तो यह कहने लगे हैं कि जहां चुनाव है वहां कोरोना नहीं है।वैसे लोगों को समझना चाहिए कि राजनीतिक दल तो अपनी अपनी सियासी रोटियां सेंककर निकल जाएंगे,लेकिन बाद में झेलना तो जनता को ही है।इसलिए अपनी सुरक्षा का ख़्याल रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।हमें ऐसी अफवाहें पर ध्यान न देते हुए कोरोना से बचाव के उपाय करने चाहिए।
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