नए साल के शुरू होते होते शुभ संकेत मिलना शुरू होगया है।अब कोरोना टीका लगाएं जाने की खबर आने के बाद पूरा देश राहत की सांस लेरहा है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और उनके साथ काम करने वाले तीन करोड़ कर्मियों को मुफ्त टीका लगाया जाएगा।
इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घोषणा कर दी है कि दिल्ली के सभी नागरिकों को मुफ्त टीका लगाया जाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जब प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि बिहार के सभी लोगों को मुफ्त कोरोना के टीके लगाए जाएंगे, तब उनकी यह कह कर आलोचना की गई थी कि देश के बाकी लोगों को इसका लाभ क्यों नहीं मिलना चाहिए।
तब उस बयान को राजनीतिक और चुनावी कह दिया गया था। फिर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि पूरे देश को मुफ्त टीका उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने अपने उस वादे को निभाया है। कोरोना का टीका तैयार करने में काफी ख़र्च आई है, इसलिए इसकी कीमत भी ज्यादाहोगी ही। जिन देशों में कोरोना के टीके तैयार किए गए हैं, वहां उन्हें लगवाना ज्यादा खर्चीला काम माना जा रहा है।
इसलिए भारत में भी आशंका जताई जा रही थी कि टीका उपलब्ध होने के बाद भी उसकी पहुंच शायद आम लोगों तक आसानी से न हो सके। जब तक इसका टीका सभी तक उपलब्ध न हो जाए, तब तक कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता। अब तो वह चिंता दूर हो गई है।भारत सरकार केलिए बहुत बड़ा चुनौती होगा पूरे देशवासियों तक टीका पहुँचाना।
भारत में तैयार टीके की बात करें तो इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उसे ब्रिटेन आदि देशों में तैयार टीकों की तरह बहुत कम तापमान में सुरक्षित रखने की जरूरत नहीं है। उसे घर के सामान्य रेफ्रिजरेटर में रखा जा सकता है। इसलिए जो सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही थी कि तापमान नियंत्रित करने के लिए संसाधन जुटाना आसान नहीं होगा, वह भी अब कोई मुश्किल काम नहीं रह गया है।
दूर-दराज के गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों, गरम इलाकों तक भी इसे आसानी से पहुंचाया जा सकता है। विशाल आबादी में सभी तक पहुंच सुनिश्चित कराना एक चुनौतीपूर्ण काम जरूर है, मगर सरकार ने इसकी बहुत व्यावहारिक रूपरेखा तैयार कर ली है, इसलिए इसे कठिन नहीं माना जा सकता।

sahi baat arunesh ke sath
जवाब देंहटाएंummid karte hai ki bharat me jald hi tikakaran ho
जवाब देंहटाएं